LOK SWARAJ

Our freedom fighters, particularly Gandhiji had sensed this and advocated an India of village republics having full power. Prior to foreign invasions, such a system was well entrenched in India. Even today, almost all advanced democracies all over the world have adopted this same system. Hitherto, we have been kept under the impression that after the attainment of if independence, the people could rely on the government to work for their welfare. After all, it is the people who elect the government. Unfortunately their hopes have been belied.

माहिला शिक्षा से परिवार,समाज समृद्धशाली

भारत सरकार निरंतर माहिला एवं पुरूषों को साक्षर करने के अभियान में जुटी है,माहिला शिक्षा के इन लाभों से न केवल परिवार बल्कि पूरा समाज समृद्धशाली बनता है। ग्रामीण माहिलाओं को केंद्र्र में रखकर कंप्यूटर कार्यात्मक साक्षरता की शुरूआत हुई है। इसकी औपचारिक शुरूआत राष्ट्र्रपति प्रतिभादेवी पाटिल ने की है। कार्यात्मक साक्षरता के मायने हैं कि काम करते हुए साक्षर होना,महात्मा गांधी ने तो आजादी के वक्त ही रोजगार मूलक शिक्षा पर जोर दिया था। जिससे लोगों को डिग्री हासिल करने के बाद केवल सरकारी नौकरी पर निर्भर न रहना पड़े। आर्थिक स्वाबलंबन का यही सर्वोतम रास्ता था। किंतु गुलाम मानसिकता के शिकार बने रहने के

छत्तीसगढ़ के होनहार युवक आमंत्रित

भारतीय वायु सेना में गु्रप एक्स ट्रेड के लिए छत्तीसगढ़ के होनहार युवकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। निर्धारित प्रारूपों के अनुसार अपना आवेदन आवश्यक दस्तावेजों के साथ केवल साधारण डाक द्वारा प्रेसीडेन्ट, केन्द्रीय वायु सैनिक चयन केन्द्र, नई दिल्ली के पते पर 23 मई 2012 तक पहुंच जाना चाहिए। वायु सैनिक चयन केन्द्र, वायु सेना राजीव नगर गांधी परिसर भोपाल के वारंट आफिसर वि प्रजापति से प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय वायु सेना में गु्रप एक्स ट्रेड के लिए छत्तीगसढ़ के ऐसे युवक जिन्होंने साइंस में न्यूनतम 50 प्रतिशत या अधिक अंकों के साथ 12 वींसमकक्ष परीक्षा पास किया हो, पात्र होंगे। भारतीय वायु से

तालाबों के गहरीकरण और सौंदर्यीकरण

जल संरक्षण और संवर्धन के कार्यों के तहत जनसहयोग से तालाबों के गहरीकरण और सौंदर्यीकरण के लिए चलाए जा रहे अभियान में औद्योगिक समूहों द्वारा तीन करोड़ रूपए से अधिक की लागत से शहर के दस तालाबों को पुर्नजीवित किया जाएगा।

भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड को क्वालिटी इम्प्रूवमेंट अवार्ड

भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने पहली बार ‘‘ क्यूसीआई-डीएल शाह क्वालिटी इम्प्रूवमेंट अवार्ड ’’ जीतकर अपनी उपलब्धियों में नया नाम जोड़ लिया है। पुरस्कार नई दिल्ली के होटल ली मेरेडियन में देश के पर्यटन मंत्री श्री सुबोधकांत सहाय के हाथों प्रदान किया गया। बालको कार्बन प्रोसेस कंट्रोल के सह प्रबंधक श्री राहुल तिवारी और सह प्रबंधक श्री आर.बी.

पत्र लिखने का चलन पुराना -मोबाईल फोन फटाफट ठाट बातें

पत्र लिखने का चलन बड़ा पुराना है, लेकिन जब से सूचना प्रौद्योगिकी का युग आया है, पत्र-लेखन का संफाया होता जा रहा है। अब तो टेलीफोन और मोबाईल का जादू आदमी के सिर पर चढ़कर बोल रहा है। लोग पत्र लिखने से जी चुराने लगे हैं।इस हाईटेक जमाने में कौन कमबख्त पत्र लिखने-लिखाने के झंझट में पड़े, कांगंज-कलम ढूंढता फिरे, सोचने-विचारने में समय बर्बाद करे, भावों को सहेजे-समेटे, रच-पच कर लिखे, ताकि पत्र सुन्दर दिखे और फिर उसे लैटर बॉक्स में डालने की जहमत उठाए या खुशामद करके किसी से डलवाए।

मोबाइल एप्लीकेशनों का उपयोग

देश में सस्ते स्मार्टफोन की बाढ़ के कारण मोबाइल एप्लीकेशनों का भी उपयोग काफी तेजी से बढ़ा है, देश में चार करोड़ भारतीय अपने मोबाइल फोन पर इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं , देश में 18 से 29 साल के युवा स्मार्टफोन का सबसे अधिक इस्तेमाल करते हैं।देश में इस समय 5000 रुपये में कम कीमत वाला स्मार्ट फोन खरीदा जा सकता है,छत्तीसगढ़ के मोबाईल विक्रेता इदरीस मोबाईल के संचालक इदरीस गाँधी ने बताया की मोबाईल आम लोगो से लेकर खाश लोगो तक की जरुरत बन गया है , सभी के अपने - अपने उपयोग है लाल गंगा शापिंग मॉल जी ई रोड रायपुर स्थित उनकी प्रतिष्ठित दुकान पर सभी के उपयोग के एप्पल ,नोकिया सेमसंग ,HTC, सभी प्रमुख क

युवाओं से जुड़ने का बेजोड़ अवसर-इदरीस गाँधी

टीवी को युवाओं से जुड़ने का बेजोड़ अवसर मिला है। तकनीक ने हमें कई माध्यमों के जरिये जोड़ रखा है और दर्शक ऑन डिमांड एंटरटेनमेंट की ओर अग्रसर हो रहे हैं। अब वे केवल दर्शक ही नहीं रह गए हैं बल्कि सक्रियतापूर्वक कार्यक्रम और प्रतिभागियों से भी जुड़ने लगे हैं।सोशल मीडिया और स्मार्ट फोन के जरिये कार्यक्रमों पर बहस होने लगी है। वे तुरंत अपनी प्रतिक्रियाएं देना चाहते हैं। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए डीआईडी की वेप/एपीपी इस क्रांति की महज शुरुआत है। इसके जरिये दर्शक चौबीस घंटे अपने पसंदीदा कार्यक्रम से जुड़े रह सकेंगे

शक्तिशाली तकनीक के रूप में उभरा मोबाईल शासन

भारत में अपने शुभारंभ के दो दशक के अन्दर मोबाइल फोन ने कनेक्टिविटी, बिजली की कमी तथा न्यून साक्षरता जैसी बाधाओं के बावजूद दूर-दराज के गाँव तक अपनी पहुँच बना ली है। वहीं दूसरी ओर, इसने लाखों बेरोजगार युवाओं को प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार का अवसर उपलब्ध कराया है।आज मोबाइल फोन केवल टेक्स्ट और ध्वनि संदेशों के आदान-प्रदान तक ही सीमित नहीं रह गया है। यह शहरी संपन्न वर्ग और ग्रामीण वंचित वर्ग के बीच व्याप्त तकनीकी खाई को पाटने के क्षेत्र में सबसे शक्तिशाली तकनीक के रूप में उभरा है।

भारत ........ अब आगे की राह

पिछले कई महीनों से भारत में परिवर्तन की एक उत्कट लालसा दिखाई दे रही है | कल तक जो सज्जन अव्यवस्था, भ्रष्टाचार, अन्याय, दूषित लोकतंत्र आदि को नियति मान नेपथ्य में चले गए थे, अचानक वो लामबंद होकर इनके विरुद्ध खुलकर सामने आने लगे हैं | साथ ही इस अव्यवस्था, भ्रष्टाचार, अन्याय, दूषित लोकतंत्र को संचालित करनेवाले भारत के प्रायः सभी राजनीतिज्ञ भी यथास्थिति को बनाए रखने हेतु सज्जनों के खिलाफ आग उगलने लगे हैं | यह शुभ संकेत है | पहले "लोक" एवं "तंत्र" का स्पष्ट ध्रुवीकरण होगा तभी तो निर्णायक युद्ध संभव होगा | इस ध्रुवीकरण का श्रेय प्रप्रथम भारत के लोक, उसके बाद टीम अन्ना.

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